Gold Price Drop 2026 – साल 2026 की शुरुआत में ही सर्राफा बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। सोना और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों और ग्राहकों दोनों को चौंका दिया है। पिछले कुछ महीनों से लगातार ऊंचाई पर पहुंच रहे दामों में अचानक आई यह टूट बाजार की दिशा बदलने का संकेत मानी जा रही है। खासकर 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के ताजा भाव जानकर कई लोग हैरान रह गए हैं।
सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट
2025 के आखिर तक सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के दबाव के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को प्राथमिकता दी थी। लेकिन 2026 में तस्वीर कुछ बदली हुई नजर आ रही है।
सर्राफा बाजार के जानकारों के अनुसार, 24 कैरेट सोना जो कुछ समय पहले तक अपने उच्चतम स्तर के करीब था, उसमें अब उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वहीं 22 कैरेट सोने के दाम में भी प्रति 10 ग्राम पर अच्छी-खासी कमी देखी गई है। इस गिरावट से उन लोगों को राहत मिली है जो शादी-ब्याह या अन्य पारिवारिक आयोजनों के लिए खरीदारी की योजना बना रहे थे।
22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के ताजा भाव
वर्तमान में 24 कैरेट सोने की कीमत में तेज गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना, जिसे शुद्ध सोना माना जाता है, निवेश के लिहाज से सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। दूसरी ओर 22 कैरेट सोना आभूषण बनाने के लिए अधिक उपयुक्त होता है क्योंकि इसमें अन्य धातुओं का मिश्रण होता है, जिससे मजबूती बढ़ती है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने के दाम में पिछले सप्ताह की तुलना में प्रति 10 ग्राम पर हजारों रुपये की कमी दर्ज की गई है। 22 कैरेट सोना भी उसी अनुपात में सस्ता हुआ है। चांदी की बात करें तो उसमें भी प्रति किलो के हिसाब से उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
चांदी की कीमत में भी बड़ी टूट
सोने के साथ-साथ चांदी के बाजार में भी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का उपयोग न केवल आभूषणों में बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य तकनीकी उपकरणों में चांदी की मांग रहती है।
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग में कुछ कमी और डॉलर की मजबूती के कारण चांदी के दाम नीचे आए हैं। निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की है, जिससे कीमतों पर दबाव बना है।
कीमतों में गिरावट की मुख्य वजहें
सोना और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं:
- डॉलर की मजबूती: जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमतों पर दबाव पड़ता है।
- ब्याज दरों में बदलाव: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की नीतियों का सीधा असर सोने पर पड़ता है।
- निवेशकों की मुनाफावसूली: रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा बुक किया।
- भू-राजनीतिक तनाव में कमी: जब वैश्विक तनाव कम होता है तो सुरक्षित निवेश की मांग घटती है।
इन सभी कारणों ने मिलकर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट को जन्म दिया है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
कीमतों में गिरावट के बाद आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो गिरावट के समय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
हालांकि, अल्पकालिक निवेशकों को बाजार की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए। क्योंकि सोने का बाजार बहुत तेजी से बदलता है।
शादी के सीजन में ग्राहकों को राहत
भारत में सोने की मांग का बड़ा हिस्सा शादी और त्योहारों के सीजन से जुड़ा होता है। ऐसे में कीमतों में आई गिरावट से ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। कई शहरों में ज्वेलर्स के यहां ग्राहकों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है।
22 कैरेट सोने की कीमत में आई कमी के चलते आभूषणों की खरीदारी में तेजी आ सकती है। वहीं 24 कैरेट सोना खरीदने वाले निवेशकों के लिए भी यह मौका फायदेमंद साबित हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सोने की कीमतों में गिरावट को कुछ विशेषज्ञ अस्थायी मान रहे हैं। उनका कहना है कि वैश्विक आर्थिक स्थिति में यदि फिर से अनिश्चितता बढ़ती है तो सोना दोबारा मजबूती पकड़ सकता है।
चांदी के मामले में भी औद्योगिक मांग में सुधार होने पर कीमतों में तेजी लौट सकती है। इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और बाजार की दिशा को समझकर ही कदम उठाना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
भारत में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधे प्रभावित होती हैं। लंदन और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख बाजारों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है।
डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक आंकड़े इन धातुओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 2026 में अब तक मिले संकेतों से यह स्पष्ट है कि बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
आगे क्या रह सकता है रुख?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती होती है तो सोने की कीमतों को सहारा मिल सकता है। वहीं अगर डॉलर और मजबूत होता है तो कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है।
चांदी के लिए औद्योगिक मांग अहम कारक बनी रहेगी। ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में तेजी आने पर चांदी की खपत बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में सुधार संभव है।
निष्कर्ष
सोना और चांदी की कीमत में आई बड़ी टूट ने बाजार में हलचल मचा दी है। 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के ताजा भाव जानकर जहां कुछ लोग हैरान हैं, वहीं कई लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है।
यदि आप निवेश या आभूषण खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय अवसरों से भरा हो सकता है, लेकिन समझदारी और जानकारी के साथ कदम उठाना जरूरी है। बाजार की दिशा पर नजर बनाए रखें और विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही निवेश करें।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या Gold Price Drop 2026 अस्थायी साबित होता है या फिर यह एक नई ट्रेंड की शुरुआत है। फिलहाल, सर्राफा बाजार में आई इस गिरावट ने आम जनता से लेकर बड़े निवेशकों तक सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।


